Bahut kareeb tha manjar mere,,magar mai bach nikla,,,, Tha aasteen me hi khanjar mere..magar mai bach nikla,,,, Wo AAG jisne mohalla jala diya mera,,,, Wo thi mere hi andar,, magar mai bach niklaa....
इंसान आजकल का वफादार नहीं है | मिलती उसे सजा जो गुनहगार नहीं है || ये जिंदगी मिली है तुझे चार दिनों की | बेकार जिंदगी है अगर प्यार नहीं है || इंसाफ का जमाना बदल आज गया है | अब झूठ और सच भी चमकदार नहीं है|| अब घर मकान भी ये हवादार बने है | पर आजकल झरोखे हवादार नहीं है || अब "सोनू" कह रहा है जरा देख गुजर के | ये सब है दिखावा कहीं भी प्यार नहीं है || ..........Dil se.....
दूर दूर रहकर यार मुस्कराकर देखते रहते हो मुझे इंतजार है आकर प्यार से गले कब लगाओगे मुझे इस तरह कातिल निगाहों से यार कत्ल करना अच्छा नहीं इंतजार है पास आकर मधुर गीत प्यार का सुनाओगे मुझे.... .....Dil se..>>
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