Dil se..>>



अपने हाथों को पढ़ा करती हूं ,
 कभी कुरान कभी गीता की तरह। 
चंद रेखाओ की सीमाओं में , 
जिंदगी कैद है सीता की तरह।।

Comments

Popular posts from this blog

Dil se...>

ये तो जाते हुए तुम मुझको बताते जाते,,,

sabkuchh tum...