Sab Kuchh tum..>>



मैंने करवट बदल के देखा है, .......
उस तरफ भी तेरी ज़रुरत है... .........
दर्द भी तुम, दवा भी तुम, इबादत भी तुम, ........
खुदा भी तुम, चाहा भी तुमको ................
और पाया भी नहीं, जुदा भी तुम और साथ भी तुम!......

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