Dil se..>.



ये मुझ से सख़्त-जाँ पर शौक़ ख़ंजर आज़माई का 
ख़ुदा-हाफ़िज़ मेंरे क़ातिल तेरी नाज़ुक कलाई का
वो क्या सोएँगे ग़ाफ़िल हो के शब भर मेरे पहलू में 
उन्हें ये फ़िक्ऱ है निकले कोई पहलू लड़ाई का ...

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